अब बदलाव की बागडोर युवा हाथों में” — अहीरवार समाज विकास परिषद के अध्यक्ष बने रामलाल लहरे, महा सम्मेलन में सामाजिक सुधार का बड़ा ऐलान

“अब बदलाव की बागडोर युवा हाथों में” — अहीरवार समाज विकास परिषद के अध्यक्ष बने रामलाल लहरे, महा सम्मेलन में सामाजिक सुधार का बड़ा ऐलान
मरवाही।अहीरवार समाज विकास परिषद महाकेंद्र छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश के दो दिवसीय महा सम्मेलन में समाज ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए रामलाल लहरे रटगा को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुन लिया। मरवाही के सद्भावना भवन में आयोजित इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए, जहां सामाजिक एकता, शिक्षा, आर्थिक मजबूती और रूढ़िवादी परंपराओं को खत्म करने पर जोर दिया गया।

सम्मेलन का संचालन डॉ. रामभजन सोनवानी और दिनेश लहरे के नेतृत्व में किया गया। दो दिनों तक चली चर्चा और मंथन के बाद समाज ने सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया। नवनियुक्त अध्यक्ष रामलाल लहरे ने मंच से साफ कहा कि अब समाज को केवल परंपराओं में नहीं, बल्कि संविधान, शिक्षा और संगठन की ताकत से आगे बढ़ाया जाएगा।
सम्मेलन में यह भी संदेश दिया गया कि समाज अब शिक्षा, बौद्धिक विकास, युवाओं की भागीदारी और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देगा। समाज के वरिष्ठजनों ने इसे “नई सोच और नए नेतृत्व का दौर” बताया।

नई कार्यकारिणी में हेतराम जांगड़े को संरक्षक, दिनेश लहरे आमाडांड को उपाध्यक्ष, एन.बी. स्वामी लतार को सभापति, नरोत्तम को कार्यकारी अध्यक्ष, राकेश कोटहा को महासचिव, खूबदास लहरे लोहारी को सचिव तथा मनहरण को सहसचिव की जिम्मेदारी दी गई।
युवा मोर्चा में रतन भारतीय भर्रीडांड को अध्यक्ष, राजेश लहरे को उपाध्यक्ष, पुष्पक दास (जनक) लोहारी को सचिव और राजकुमार को सहसचिव बनाया गया। वहीं महिला इकाई में भूमिया ओगरे को अध्यक्ष, कल्याणी सूर्या को संरक्षक तथा गोंदा, पार्वती, चंद्रकुमारी, रोहणी बांधव, मालती लहरे, सुभद्रा बाई, गायत्री और कौशिल्या को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

सम्मेलन के दौरान नवनियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा, सामाजिक एकता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के सफल संचालन में तुलसी अनुरागी, पार्षद परशोत्तम लहरे कुम्हारी, मटियाडांड और नवयुवक दल की भूमिका की विशेष सराहना की गई।
अंत में अध्यक्ष रामलाल लहरे ने समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं का आभार जताते हुए कहा कि अब अहीरवार समाज संगठन, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई में नई दिशा तय करेगा।















